Friday, March 25, 2011

मीत सब झूठे पड़ गए ...... : The Absurd











आज भी हर सुबह
खिड़की से आती रौशनी से
तुम्हारा ही चेहरा बनता है - मेरे कमरे की दीवार पे !


आज भी मेरी आँखों में चमकता है वही,
या शायद ....
मेरी आँखें चमकती हैं - उसी नूर से


एक पतंगा -
उस लौ के गिर्द
जो है ही नहीं ...


फिर भी -
तुम कोई तो हो !


कोई - जिस के बिना जीना
ज़िन्दगी जैसा तो नहीं है !!


मीत सब झूठे पड़ गए ..........



16 comments:

प्रवीण पाण्डेय said...

बेहतरीन, खिड़की से छनकर आती धूप में किसी की आकृति दिख जाना प्रेम की परिभाषाओं से परे है।

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" said...

दिल को छुं गई आपकी यह रचना !

: केवल राम : said...

एक पतंगा -
उस लौ के गिर्द
जो है ही नहीं ...
बस यह आभास है ..जीवन का वास्तविकता कुछ और है ..बहुत गहरे भाव

मीनाक्षी said...

मेरी आँखें चमकती हैं - उसी नूर से ........ यही तो प्रेम है....

baabusha said...
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baabusha said...
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Kailash C Sharma said...

आज भी हर सुबह
खिड़की से आती रौशनी से
तुम्हारा ही चेहरा बनता है - मेरे कमरे की दीवार पे !

...बहुत सुन्दर संवेदनशील रचना..बहुत भावपूर्ण..

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत भावपूर्ण रचना!

baabusha said...

If it is absurd then I must tell u that the absurd is the essential concept and the first truth. :)
Said Albert Camus

P.S.- Now I can hear ur voice even when I m reading ur poems.

राहुल सिंह said...

हम तो चित्र में ही अटके रहे Myth of Sisyphus?

अमिताभ मीत said...

जी हाँ ...The Myth of Sisyphus.

The beauty of Kafkaesque and the Great Kafka.

aradhana said...

कोई तो है जो है ही नहीं. मैंने काफ्का को नहीं पढ़ा पर वो गीत याद आ गया, 'कुछ दिल ने कहा, कुछ भी नहीं, ऐसे भी बातें होती हैं.' कैफ़ी ने लिखा है शायद, ना?

aradhana said...

ओह हाँ, ये गीत मैंने पहली बार सुना. किस फिल्म का है?

Sunil Kumar said...

बहुत खुबसूरत अहसास और उनको सुन्दर शब्दों से सजाया . बधाई

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत खूबसूरत रचना ....और गीत तो बहुत अच्छा लगा ...आभार

Rajesh Kumari said...

first time aapke blog per aai hoon.aapki rachna padhi achchi lagi.ek patanga lo ke gird jo hai hi nahi.....bahut achchi panktiyan lagi.you also welcome to visit my blog.apeksha rakhti hoon.