
देर से सही ... सुरों के जादूगर, ग़ज़ल के बादशाह, मदनमोहन की याद में एक छोटी सी श्रृंखला ......
मदनमोहन ( जून २५, १९२४ - जुलाई १४, १९७५) - पूरा नाम "मदनमोहन कोहली".
फ़िल्मों की दुनिया में एक जानी मानी हस्ती - राय बहादुर चुन्नीलाल के सुपुत्र मदनमोहन का जन्म इराक़ के बग़दाद शहर में हुआ ......
राय बहादुर चुन्नीलाल पहले Bombay Talkies और फिर Filmistan Studio का हिस्सा रहे - एक Partner की हैसियत से.
अपने पिता के कहने पे मदनमोहन ने १९४३ में सेना में भारती हुए ...
बहरहाल ... जैसा कि मैं ने कहा ..... मदनमोहन के बारे में बाक़ी बातें इस श्रृंखला की अगली कड़ी में ... आज सुनिए उनके द्बारा स्वरबद्ध कुछ अनमोल गीत .....
मदनमोहन और लता की जोड़ी का कोई मिसाल नहीं .. तो आज शुरुआत करते हैं ....... पहले मदनमोहन और लता की आवाज़ में एक अमर गीत से .......... और फिर लता की आवाज़ में तीन ऐसे गीत जो बहुत ज़्यादा सुने नहीं जाते ........ लेकिन जो मेरी नज़र में अनमोल हैं ....
इस श्रृंखला की अगली कड़ी में कुछ और गीत ... मदनमोहन और लता का जादू समेटे .... एक बार फिर कुछ ऐसे गीत जो आम तौर पे सुनने में नहीं आते ...
तो ये हैं आज के पांच गीत :
माई री मैं कासे कहूं ....... "मदनमोहन"
फ़िल्म : दस्तक (१९७०)
गीतकार : मजरूह सुल्तानपुरी
माई री मैं कासे कहूं ....... "लता"
बड़ी बरबादियाँ ले कर मेरी दुनियाँ में प्यार आया ..... "लता"
फ़िल्म : धुन (१९५३)
गीतकार : कैफ इर्फ़ानी
मेरा क़रार ले जा, मुझे बेक़रार कर जा ..... "लता"
फ़िल्म : आशियाना (१९५२)
गीतकार : राजेंद्र कृष्ण
बैरन नींद न आये .... "लता"
फ़िल्म : चाचा जिंदाबाद (१९५९)
गीतकार : राजेंद्र कृष्ण









12 comments:
Waah..! In dono ka gaya ye geet mere paas maujood hai.."maai ree ! mai kaase kahun.."
'jaane kahan gaye wo log?"
Kahan hain aise fankaar?
आप की बदौलत बहुत दिनों बाद इन मीठे गीतों को सुन सका हूँ। बहुत आभार।
जय हो !
बेहतरीन प्रस्तुति . मदन मोहन की तुलना किसी से नहीं हो सकती .
madanmohnji ke bare me achhi jankari .
aor geet sunkar aannd aa gya hai.
maai ree मैं kaase kahuun ................ दिल ले गया ये गीत तो बस क्या bataayen..............लाजवाब
लाजवाब प्रस्तुति!!!
बहुत सुन्दर ... एक से एक लाजवाब गीत।
प्रियंकर जी
किसी की भि किसी से तुलना कैसे हो सकती है, सबकी शैली अलग है।
:)
बेहतरीन प्रस्तुति,आभार.
madan mohanji ke baare mein achchi jankari di gayee itane madhur geet sun kar kanon mein jaise ras ghul gaya. bahut bahut dhanyawad.
आपके ब्लोग पर उम्मीद से आया था कि ज़रूर आप कुछ अच्छा सुनवायेंगे, मदन जी की पुण्य तिथी पर. आपने हसरत पूरी भी की और दिल तृप्त हो गया. कैसे धन्यवाद करूं?
क्या कहूं.अभी तक यहीं हूं...
इन सुरीली स्मृतियों के साथ- साथ बहुत कीमती जानकारियां भी प्राप्त हुईं बहुत-बहुत धन्यवाद्
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