
दोस्तो गाने सुनना मेरी कमज़ोरी है ... या शायद मेरी मजबूरी.
आज तक मेरी कोशिश रही है कि आप तक कुछ अच्छे गीत, ग़ज़लें पहुँचाऊँ .... और कुछ कव्वालियाँ भी.
आज जो गीत ले के आया हूँ इस के बारे में कुछ भी कहना मेरे बस में नहीं ..... सिवा इस के ..... कि इस गीत के संगीतकार हैं अरुण कुमार और गीत लिखा है भरत व्यास ने. फ़िल्म का नाम है "परिणीता", . इस फ़िल्म में मुख्य भूमिकाएँ निभायी थीं अशोक कुमार और मीना कुमारी ने. आवाज़ - मन्ना डे की .....
इस के इलावा इस गीत के बारे में क्या कहूँ .... बस ये गीत सुन भर लें ... शायद आप समझ जायेंगे कि मैं इस के मुताल्लिक़ कुछ भी कहने में खुद को असमर्थ क्यों पाता हूँ ....
गीत के दो versions हैं ... दोनों पेश हैं ......
सुनें :









11 comments:
आप भी चुन चुन कर मोती लाते हैं...बहुत आभार!!
गजब की है आपकी तलाश और कोशिश। आभार।
सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com
shyamalsuman@gmail.com
मन को मुग्ध करनेवाला गीत...
क्या मोहक स्वर हैं और क्या प्रसंग। राधा-कृष्ण-वियोग!
Nam moh gayaa ye geet..... manna de ji ne sar ghol diya hai is geet mein..
aatmvismrit kara dene wale is madhur geet ke liye aapka kotishah aabhar.
बहुत सुन्दर गीत.. दोनों ही अंदाज में मन को छू जाते हैं।
धन्यवाद
कॉलेज की पढ़ाई वाले दिन थे । जब मन्ना डे का एक कैसेट खरीदा था । चली राधे रानी, फिर कहीं कोई फूल खिला, दूर है किनारा, और वो संगत फिल्म का गीत जिसके बोल इस समय याद नहीं आ रहे हैं ।
बेहद सघन और आत्मीय यादों में शामिल है ये गीत ।
dil khush ho gaya
achchi parastuti ke liye shukriya
In geeton ko hamesha sunna pasand kartee rahee hun..aaj behad sukun bhara ehsaas mila...shukriya!
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