
नहीं ..... कुछ कहना नहीं है.
अल सुबह से ये सुन रहा था ..... बार बार सुना ....... कई बार सुना !!
जी में आया कि इसे पोस्ट ही कर दूँ ..........
सुन कर देखें ...... शायद अच्छा लगे !!
जब बात "कबीर" की हो और अंदाज़ कुमार गन्धर्व का ......तो मुझ जैसे अदना इंसान के बस में कहने जैसा कुछ रह नहीं जाता .....
















